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Tuesday, 5 September 2017

3 key tasks at hand for, Shri Dharmendra Pradhan, the newly appointed Union Minister for Skill Development & Entrepreneurship

नई दिल्ली : कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज कहा कि व्यावसायिक कौशल के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना उनके लिए चुनौती नहीं बल्कि एक नया दायित्व है और इसका वह जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करेंगे।
प्रधान ने कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्रालय में अपने सहयोगी अनंत कुमार हेगड़े के साथ कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से कहा कि यह उनके लिए नया मंत्रालय है। इस मंत्रालय में कैसे काम करना है इसके लिए स्थिति समझने के बाद जल्द ही एक रोडमैप तैयार किया जाएगा। पेट्रोलिय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में उन्होंने उज्ज्वला सहित कई नयी योजनाएं शुरू की। कल मंत्रिपरिषद में हुए फेरबदल में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर कौशल विकास मंत्री का अतिरिक्त दायित्व दिया गया।
उन्होंने कहा कि हर साल 10 करोड़ युवाओं को रोजगार की जरूरत होती है। ये सभी युवक स्वाभिमान के साथ नौकरी पेशे से जुड़े इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया। इस मंत्रालय ने युवाओं के कौशल विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और पिछले तीन साल से बड़ी संख्या में युवक पेशागत कुशलता के नौकरी में आ रहे हैं।
कौशल विकास मंत्रालय को ज्यादा उपयोगी बनाने तथा गति देने के लिए उनकी प्राथमिकताओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह अपने सहयोगी हेगड़े के साथ मंत्रालय से संबंधित गतिविधियों को पहले पूरी तरह समझेंगे और फिर कार्य योजना बनाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सक्षम और कुशल बनाया जा सके।

Friday, 3 March 2017

मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना' के प्रथम चरण में 25 हजार छात्रों को मिलेगा प्लेसमेंट, दुर्ग में बनेगा नोडल सेंटर


दुर्ग (छत्तीसगढ़) : तकनीकी व सामान्य डिग्री कॉलेजों में पढ़ रहे 25 हजार फाइनल ईयर छात्रों को जल्द ही नौकरी के अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) ने इसके लिए प्लान बना लिया है। चिप्स कार्यालय में योजना का उद्घाटन किया गया । इसे नाम दिया है ‘मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना’। अधिकारियों के मुताबिक योजना की शुरुआत जिले के 11 इंजीनियरिंग कॉलेजों से होने जा रही है, जिसमें करीब 20 हजार छात्र शामिल होंगे। सामान्य कॉलेजों के 5 हजार छात्रों को प्लेसमेंट मिलेगा।
क्या है प्लान
चिप्स ने प्रथम चरण के लिए रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर जिले के 25-25 शासकीय व इंजीनियरिंग कॉलेजों का चयन किया है। इसमें दुर्ग जिले के 7 सामान्य डिग्री कॉलेज शामिल हैं। सभी कॉलेजों ने यूजी फाइनल ईयर छात्रों का डेटा मांगा गया है। कॉलेज जिन छात्रों को चिन्हित करेगा, उन्हें मई में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद चिप्स इन छात्रों के लिए नजदीकी संस्थानों में ट्रेनिंग कराएगी। ट्रेनिंग के लिए नामी कंपनियों को बुलाया जाएगा।
छात्र देंगे ऑनलाइन टेस्ट
अधिकारियों के मुताबिक योजना को लागू करने से पहले चिप्स ने छोटी-बड़ी कंपनियों के साथ करार किया है। चिप्स छात्रों को कंपनियों की डिमांड के मुताबिक ही तैयार करेगा। ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद छात्रों को प्लेसमेंट पाने एक ऑनलाइन टेस्ट देना होगा। इसमें सामान्य ज्ञान, एप्टीट्यूड, एबिलिटी जैसे बिंदु शामिल होंगे।
दुर्ग में बनेगा नोडल सेंटर
ट्रेनिंग व प्लेसमेंट सहित योजना के तमाम कामकाज के लिए चिप्स दुर्ग में नोडल सेंटर बनाएगा। यह योजना मुख्यमंत्री कौशल विकास से बिल्कुल अलग है। इसमें सिर्फ फाइनल ईयर के छात्रों को ही शामिल किया जाना है। कार्यक्रम की लॉन्चिंग के दौरान चिप्स के अधिकारी, उच्च शिक्षा आयुक्त, चार जिलों के कॉलेज प्राचार्य, डीटीई के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को उनकी जिम्मेदारी बता दी गई है। टेस्ट पास कर लेने वाले छात्रों को सीधे कंपनियों के साथ इंटरव्यू का मौका मिलेगा। ऑनलाइन टेस्ट कराने के लिए चिप्स इंजीनियरिंग कॉलेजों की मदद लेगा।
25 हजार को नौकरी दिलाने का लक्ष्य
साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके राजपूत ने बताया किचिप्स मई से फाइनल ईयर के छात्रों को ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट देगा। सामान्य कॉलेजों में परीक्षा की वजह से यह अगले साल से लागू होगी। करीब 25 हजार छात्रों को नौकरियां दिलाने का लक्ष्य है।